चंबा 18 April 2026 (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार की सुबह उस वक्त भारी हड़कंप और सनसनी फैल गई, जब खेतों में एक संदिग्ध ‘हवाई जहाज के आकार का गुब्बारा’ पड़ा हुआ मिला। इस गुब्बारे पर पाकिस्तानी झंडा छपा हुआ है और “PIA” (पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस) लिखा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।
पशु चराने गए ग्रामीण की पड़ी नजर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला डलहौजी के खैरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चलाड़ी गांव के समीप का है। शनिवार की सुबह एक स्थानीय ग्रामीण रोजमर्रा की तरह अपने पशुओं को चराने के लिए खेतों की ओर गया था। इसी दौरान उसकी नजर वहां पड़े एक असामान्य गुब्बारे पर पड़ी।
गुब्बारे की बनावट हवाई जहाज जैसी थी और उस पर पाकिस्तानी झंडा तथा विदेशी लिखावट देखकर ग्रामीण आशंकित हो गया। उसने तुरंत इसकी जानकारी गांव के पूर्व प्रधान को दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पूर्व प्रधान ने बिना देर किए खैरी पुलिस स्टेशन को सूचित किया।
सेना के अधिकारियों को भी किया गया तलब
संदिग्ध गुब्बारे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लेते हुए गुब्बारे को अपने कब्जे में ले लिया। मामले की संवेदनशीलता और गुब्बारे पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय (पाकिस्तानी) चिह्नों को देखते हुए सेना के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि यह महज एक साधारण गुब्बारा है या इसके जरिए कोई संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने की कोशिश की गई है।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
गांव में पाकिस्तानी मार्के वाला गुब्बारा मिलने से स्थानीय लोगों में थोड़ी दहशत जरूर है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को पूरी तरह से आश्वस्त किया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में इस तरह का गुब्बारा दिखने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राज्य के कई जिलों (जैसे कांगड़ा, शिमला आदि) में समय-समय पर ऐसे “PIA” लिखे और पाकिस्तानी झंडे वाले गुब्बारे मिलते रहे हैं। अक्सर ये गुब्बारे सीमा पार से हवा के तेज बहाव के साथ उड़कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से एजेंसियां हर ऐसे मामले को पूरी गंभीरता से लेती हैं।

