चंबा 12 जनवरी 2026 : जिला मुख्यालय चंबा में एनकोरड समिति की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में जिला मुख्यालय चंबा के विभिन्न विभागों के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि जनजातीय उपमंडल पांगी व भरमौर सहित सभी उपमंडलों के उपमंडलाधिकारी (ना) बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। बैठक में समाज को नशा मुक्त बनाने व नशा तस्करी की रोकथाम की दिशा में पुलिस, स्वास्थ्य तथा राज्य कर एवं आबकारी विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों व इस संबंध में कार्य प्रगति बारे विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशन व मार्गदर्शन में जिला चंबा में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है तथा नशा तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ निरंतर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यथाशीघ्र नशा तस्करी के दोषी व्यक्तियों की संपत्ति की डिमार्केशन की जाए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए की वे अपने-अपने क्षेत्र में गठित नशा निवारण समितियां को और अधिक मजबूत करें तथा उनमें पुलिस व पंचायती राज विभाग से सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल करें ताकि ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में भी नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम और अधिक मजबूत व कारगर सिद्ध हो सके।
बैठक में उपायुक्त ने हाल ही में तीसा उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत शलेला बाड़ी में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति से चरस जब्त किए जाने की कार्यवाही के दौरान स्थानीय बासियो तथा पंचायत प्रधान शलेला बाड़ी द्वारा किए गए झगड़े व दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की तथा कहा कि स्थानीय पंचायत की महिला प्रधान जिस पर कानून की अनुपालना करवाने व न्याय प्रदान करने का दायित्व है द्वारा इस प्रकार की घटना को अंजाम देना अत्यंत अनापेक्षित व निंदनीय है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। बैठक का संचालन पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी द्वारा किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि जिला में एनडीपीसी एक्ट के तहत दोषी व्यक्तियों की 17 संपत्तियों को लिंक किया गया था तथा उनकी डिमार्केशन पूर्ण करने के उपरांत यह पाया गया कि तीन संपत्तियों पर अवैध कब्जा है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक जिला के सात सरकारी कर्मचारियों को एनडीपीसी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया था जिनमें से तीन व्यक्तियों को उनकी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है जबकि दो व्यक्ति अभी न्यायिक रियासत में है तथा दो व्यक्ति सेवारत हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जिला चंबा में एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में 85 वर्ष 2025 में 101 तथा वर्ष 2026 में अब तक आठ मामले दर्ज किए गए हैं जनवरी 2026 में दर्ज किए गए 8 मामलों के अंतर्गत तीन व्यक्तियों से 2.521 किलोग्राम चरस तथा सात लोगों से 58.15 ग्राम चित्त विराम किया गया है, इस अवसर पर गत बैठक में लिए गए निर्णयों तथा दिए गए दिशा निर्देशों के संबंध में उठाए गए आवश्य कदमों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने भी मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए भविष्य में और बेहतर प्रयास करने वारे अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, एडीसी अमित मेहरा, स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर करण हितेषी, जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान, उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी नूतन महाजन, सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी राहुल, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ओएसडी उमाकांत, शिक्षा विभाग के अधीक्षक ललित शर्मा तथा कल्याण विभाग की अधीक्षक गिलमो देवी सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे, जबकि एसडीम डलहौजी अनिल भारद्वाज, भटियात पारस अग्रवाल, भरमौर विकास शर्मा, पांगी अमनदीप सिंह, सलूनी चंद्रवीर सिंह तथा तीसा राजेश जरयाल बैठक में वर्चुअली मौजूद रहे।।

