चंबा 28 मार्च 2025 : राजकीय महाविद्यालय चंबा में आज आईक्यूएसी के तत्वाधान में एक पुस्तक का विमोचन एवं परिचर्चा की गई। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि संयुक्त निर्देशक उच्च शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश डॉक्टर विद्यासागर शर्मा रहे। जानकारी देते हुए आईक्यूएसी समन्वयक डॉक्टर मनेश वर्मा ने बताया डॉ प्रशांत रमन रवि द्वारा संपादित पुस्तक “भारत दुर्दशा” जो की मूल रूप से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने लिखी है उसको पुनः संपादित किया है जिसका विमोचन आज महाविद्यालय के कांफ्रेंस हॉल में किया गया । कार्यक्रम में सर्वप्रथम दीप प्रचलित कर मुख्य अतिथि अन्य अन्य गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह और फूल देकर सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ विद्यासागर शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि इस पुस्तक के विमोचन पर मुझे बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया यह मेरे लिए हर्ष का विषय है क्योंकि मैं इस महाविद्यालय का एक अटूट अंग रहा हूं। उन्होंने कहा की पुस्तक एक विचारों की संगोष्ठी है और विचार जो है हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विचारों से ही हमारे जीवन का एक ढांचा बनता है जिस पर बड़ी इमारत खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि विचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक ही बात को कई तरीके से कहा जा सकता है उन्होंने कहा कि एक राइटर एक संवेदनशील व्यक्ति होता है जो अपनी बातों को अपनी संवेदनाओं के जरिए लोगों तक पहुंचना है और हमें एक मार्ग दिखाता है । उन्होंने इस कार्य के लिए डॉ प्रशांत रमन रवि को बधाई दी और कहा कि भविष्य में भी यह आगे इस तरह के काम करते रहेंगे ।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉक्टर मदन गुलरिया ने कहा कि आज हमारे बीच बतौर मुख्य अतिथि सयुंक्त निदेशक पधारे हैं यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए आयोजन समिति का धन्यवाद किया और अपने संबोधन में भारत दर्शन के ऊपर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता सहायक प्रोफेसर स्नेहा दीप, सहायक प्रोफेसर डॉक्टर संतोष कुमार, सहायक प्रोफेसर शिल्पा शर्मा और हिंदी शिक्षिका रेखा ने इस पुस्तक के ऊपर अपने विचार प्रस्तुत किये। इन सभी वक्ताओं में पुस्तक से जुड़े हर एक छोटे से छोटे पहलू पर प्रकाश डाला और कहा कि यह पुस्तक न केवल विद्यार्थियों बल्कि समाज के लिए भी एक मार्गदर्शन का काम करेगी। इन सभी ने डॉक्टर प्रशांत रमन रवि को बधाई दी और भविष्य में भी इस तरह से काम करने के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। इस पुस्तक के संपादक डॉ प्रशांत रमण रवि ने कार्यक्रम में आने के लिए मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया और अपने इस कार्य के ऊपर प्रकाश डाला एवं श्रोताओं के प्रश्नों का भी बखूबी उत्तर दिया । इस अवसर पर गणमान्य व्यक्ति शरत शर्मा भूपेंद्र जसरोटिया ,विमला देवी , रेखा गक्खड, उमाकांत कृष्ण प्रसाद एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।